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जुलाई 31, 2022 113 0 Leah Darrow

विशेष साक्षात्कार: शीर्ष मॉडल से रोल मॉडल तक का सफ़र

लिया डारो के साथ एक विशेष साक्षात्कार – अमेरिका के नेक्स्ट टॉप मॉडल प्रतियोगिता की पूर्व प्रतियोगी – जिसे मनपरिवर्तन का एक अद्भुत अनुभव हुआ जिसके कारण अप्रत्याशित रूप से उनका जीवन बदल गया

अपने पालन-पोषण के बारे में बताएं?

मैं अपने परिवार के साथ एक खूबसूरत कृषि स्थल में काम करते हुए बड़ी हुई हूं। हमारा कोई पड़ोसी नहीं था; लेकिन मैं अकेली नहीं थी क्योंकि मेरे भाई-बहन मेरे सबसे अच्छे दोस्त थे। मेरे माता-पिता ने अपने मजबूत कैथलिक विश्वास और धन्य माँ मरियम के प्रति समर्पण को हम सब के साथ साझा किया,  वे हमें रविवार के मिस्सा बलिदान में लाये और हर रात पुरे परिवार ने एक साथ माला विनती की प्रार्थना की। लेकिन मैं लोगों को यह आभास नहीं देना चाहती कि हम फातिमा के बच्चों की तरह थे। मेरे माता-पिता हमेशा घर में विश्वास बनाए रखने का प्रयास करते थे।

यह वास्तव में एक सुंदर परवरिश थी। मेरे अच्छे और वफादार माता-पिता पूरे दिल से येशु से प्यार करते थे और हर दिन एक साथ प्रार्थना करते थे। उनके नमूने ने हमारे लिए एक मजबूत नींव रखी जिससे मुझे बाद के जीवन में मदद मिली। दुर्भाग्य से, इस अनुभव के बावजूद, मैं अपने विश्वास से दूर भटक गयी। हाई स्कूल में, मैंने कुछ बहुत ही खराब निर्णय लिए, जिसकी परिणति के रूप में मुझे 15 साल की उम्र में अपना कौमार्य खोना पड़ा। हमने जो सोचा था परिस्थितियाँ उससे बिलकुल भिन्न थीं। समय मायने रखता है। जिस कार्य के द्वारा हम अपने शरीर को एक दूसरे को दे देते हैं यदि उस कार्य की नियति अच्छी नहीं है, तो यह हमें अत्यधिक शर्म की भावना के साथ भर देता है। इस घटना ने मुझे एक महिला के रूप में मेरे अपने बारे में मेरे दृष्टिकोण बदल डाला और मुझे इतना परेशान किया कि मैंने हर उस चीज़ को दूर करने की कोशिश की जो मुझे याद दिलाती थी कि मैं एक पापिनी थी। प्रभु को अपनी पसंद के उन सभी दुर्भाग्यपूर्ण हिस्सों को देकर शुरू कर सकूं, इसके लिए पश्चाताप करने और ईश्वर की दया की तलाश करने के बजाय, मैंने शर्म की आवाज सुनी और उसी शर्म को ही मेरे जीवन को आगे बढाने के निर्णय को तय करने की अनुमति दी।

उस समय से, मैं अपने विश्वास और इसके अभ्यास से दूर चली गयी, हालाँकि जानती थी कि मेरे बचपन का विशवास और परम्परा ही सही है। लेकिन मुझे लगता था कि मेरे लिए कलीसिया में अब कोई जगह है, क्योंकि मैंने सोचा था कि मैंने सभी को निराश किया है, खासकर मेरे वफादार माता-पिता जिन्होंने मुझे वह सब अच्छी चीज़ें दी थी।

उस शर्म से भरे अनुभव के कारण मैंने अपने जीवन से ईश्वरीय दिशा निर्देशन को पूरी तरह से हटा दिया और दुनिया की ओर अपनी नज़र बढ़ाई ताकि मुझे दुनिया से ही मार्गदर्शन मिले। इन दिनों हमारे समाज और संस्कृति में महिलाओं की आवाज़ बुलंद सुनाई देती है, जो हमें लगातार यह बता रही है कि हमें क्या करना चाहिए, हमें क्या बनना चाहिए और यहां तक ​​कि हमें कैसा दिखना चाहिए। मैंने येशु मसीह के बजाय इस समाज-संस्कृति से आध्यात्मिक मार्गदर्शन ढूंढा और इससे मेरे जीवन में ऐसे ऐसे विकल्प निकले जो निश्चित रूप से ईश्वर से दूर और विश्वास से भी दूर थे।

मॉडलिंग ने आपको कैसे प्रभावित किया?

हम ऐसी संस्कृति में रहते हैं जो विडंबनापूर्ण रूप से सुंदरता से ग्रस्त है, लेकिन यह टिकनेवाली सुंदरता नहीं है। यह हमारी सुविधानुसार चयनित, काल्पनिक और नकली है। ईश्वर ही सुंदरता का रचनाकार है, लेकिन हम शायद ही कभी उसे खोजने के लिए उसकी ओर देखते हैं। हम एक मनगढ़ंत, खाली संस्करण के पीछे पड़े हुए हैं। जब मैं छोटी थी, तो मुझे पत्रिकाओं के पन्ने पलटने का रोमांच याद आता है जिसमें फिल्मों और टीवी शो की महिलाओं को दिखाया जाता है जिन्होंने ग्लैमरस जीवन शैली का नेतृत्व किया। वे सिर्फ सुंदरता नहीं बेचती हैं। वे एक जीवन शैली बेच रही हैं – एक विचारधारा या जीवन का एक ख़ास तरीका, विशेष रूप से महिलाओं के लिए, जो कहती है कि परिवार, विवाह और बच्चे निश्चित रूप से पुराने दकियानूसी बातें हैं, आपकी खुशी की आकांक्षाओं में वे बाधा बनती हैं। इस विचार के अनुसार ,आपकी खुशी केवल बाहरी गुणों पर निर्भर करते हैं- आपके रूप, आपके कपड़े, आपकी नौकरी, आपकी परिस्थिति … दुख की बात है कि मैं उस झांसे में, उस चक्रव्यूह में और फंदे में उलझकर फंस गयी। मैंने कम उम्र में मॉडलिंग शुरू कर दी थी, जिसके कारण मुझे टीवी शो, अमेरिका की नेक्स्ट टॉप मॉडल के सीज़न तीन के लिए ऑडिशन देने का मौक़ा मिला। मैं चुनी जाने पर अत्यधिक उत्साहित थी, लेकिन मैं उस दर्दनाक अनुभव के लिए तैयार नहीं थी जो किसी भी रियलिटी टीवी शो में भाग लेने पर मिलता है, जिसमे प्रतिभागियों के फुटेज के साथ छेड़छाड़ करके और संदर्भ से बाहर उसे प्रसारित करके नाटक का निर्माण होता है। आखिरकार मुझे शो से बाहर कर दिया गया, मैंने फैसला किया कि मैं न्यूयॉर्क में रहने और अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपनी कड़ी मेहनत से जीते गए हाई प्रोफाइल का उपयोग करने की हकदार हूं।

इस मुकाम पर पहुँचने के बाद –  मैंने लगभग 10 वर्षों के लिए अपने विश्वास को त्याग दिया था, मैं गिरजाघर नहीं जाती थी, संस्कारों को ग्रहण नहीं करती थी और प्रार्थना बिल्कुल भी नहीं करती थी। उस गहरे आध्यात्मिक रिश्ते से मैं बुरी तरह वंचित रह गयी। मेरी आत्मा इसके लिए तरस रही थी, लेकिन लज्जाजनक यादों ने मुझे पीछे धकेल दिया, “जब तुम छोटी थी तब तुम ने अपने कौमार्य को खो दिया, और तुम्हारा लगातार नैतिक पतन होता रहा, इसलिए तुम्हारे लिए अब कोई उम्मीद नहीं है। बस इस नए बिगड़े जीवन में ही बने रहो और इसका सर्वोत्तम दोहन कर उसे लूट लो।”  इसलिए, मैंने यही किया, मेरे दिल में छिपे दर्द को नजरअंदाज किया जबकि इसे येशु के द्वारा ठीक किया जा सकता था, और मैं अंदर से कितनी मरी हुई महसूस कर ही थी, इस पर पर्दा डालकर उसे ढकने की कोशिश कर रही थी।

आप वह जीवन जी रही थी जिस जीवन का ज्यादातर लोग सपना देखते हैं – एक खूबसूरत मॉडल होने के नाते, टाइम्स स्क्वायर में आपकी छवि प्रसारित जी जा रही थी, जिस से आप बहुत पैसा कमा रही थी और फिर भी आप खुश नहीं थी?

अंदर से, मैं बेहद नाखुश और दुखी थी। जब मैं मॉडलिंग कर रही थी तब मैं खुश होने का नाटक करने में आश्चर्यजनक रूप से अच्छी थी। वास्तव में, न्यूयॉर्क में मेरा जीवन तेजी से बिगड़ रहा था क्योंकि मैं एक ऐसी जीवन शैली में डूब गयी थी जिसमें भयंकर अकेलापन है। वह जीवन जो आपको उन चीज़ों से भर देता है जिससे आप जबरन नकली रूप से खुश किये जाते हैं, वह पूरी तरह नकली था, वह ख़ुशी का सिर्फ दिखावा था, वहां किसी प्रकार का सच्चा आनंद नहीं था। मुझे न तो सच्ची खुशी थी और न ही शांति और मैं गहरे अवसाद और आत्मघाती विचारों से उत्पीडित महसूस कर रही थी।

किसी ऐसी चीज को पीछे छोड़ने के लिए बहुत साहस चाहिए जिसके लिए आपने निश्चित रूप से वर्षों की कड़ी मेहनत की थी। वास्तव में आपको अपने मॉडलिंग करियर से दूर जाने के लिए क्या प्रेरित किया?

पहला उत्तर है, ईश्वर की कृपा। वास्तव में ईश्वर की कृपा ने ही मुझे इससे दूर जाने के उस साहसी निर्णय लेने के लिए मजबूत किया। यह एक फोटोशूट के ठीक बीच में हुआ। मैंने सचमुच अपने दिल में इन शब्दों को सुना, “मैंने तुम्हें और बेहतर कार्य के लिए बनाया है …” और मैं इस आवाज़ को अनदेखा नहीं कर सकी। अचानक मेरी अंतरात्मा की गहराई में कुछ प्रज्वलित हुआ – कुछ ऐसा जो मुझ में पहले से विद्यमान था जिसे मैं अपनी आत्मा में पूरी तरह से भूल गयी थी। मुझे पता था कि यह सत्य की आवाज़ थी। मैं फोटोशूट के बीच में थी और यह किसी प्रकार के आध्यात्मिक चमत्कार के घटित होने के लिए यह उत्तम समय और स्थान नहीं था, फिर भी मैं इसे अनदेखा नहीं कर सकती थी। मैंने फोटोग्राफर की तरफ देखा और कहा, “मुझे जाना है…” सेट पर मेरे आस-पास का हर कोई हैरान था। मुझे यकीन है कि वे सोच रहे थे, “तुम पागल हो गयी हो, या तुम्हारे दिमाग में कुछ अजीब हरकत हो रही है।” उन्होंने मुझे बाहर जाकर थोड़ा पानी पीने और उसके बाद वापस आने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन मैंने मना कर दिया। मैंने अपनी सारी चीजें बटोर लीं, फोटोशूट छोड़ दिया और उस जीवन शैली से बाहर निकल कर घर की ओर चल दिया।

मैंने सबसे पहले, अपने पिताजी को फोन करके बुलाया। मुझे लगा कि यह अनुभव एक सच्चा आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक जागृति का कार्य था। ईश्वर ने मुझे यह देखने का अनुग्रह दिया कि मेरा जीवन वास्तव में कैसा था, और यह कैसे टूट कर बिखर रहा था। मैं पिछले वर्षो लगातार अपने आप से झूठ बोल रही थी कि सब कुछ ठीक है और मेरी जिंदगी ठीक है, लेकिन ऐसा नहीं था। तो, सचमुच यह ईश्वर की कृपा थी, जिसने मुझे वह साहसी निर्णय लेने में मदद की। हर श्रेय उसी को जाता है!

पिताजी ने अपना सारा काम छोड़ दिया और सीधे मेरे पास आ गए। सबसे पहले वे मुझे पाप स्वीकार संस्कार में ले जाना चाहते थे। मुझे याद है कि उस समय मैं सोच रही थी, “कलीसिया को मेरी जैसी लड़की नहीं चाहिए। कलीसिया केवल उन पवित्र लोगों के लिए है जो हमेशा वफादार रहे हैं।” लेकिन पिताजी ने मुझे बड़ी कोमलता से देखा और कहा, “लिआ, तुमने फोन किया और तुम घर आना चाहती थी। मैं यहां तुम्हें घर ले जाने के लिए आया हूं। येशु और कैथलिक कलीसिया तुम्हारा घर हैं।” उस समय मुझे एहसास हुआ कि पिताजी सही कह रहे थे। यह सच था, मैं घर आ गयी थी और पिताजी मेरे वापस आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। न्यूयॉर्क छोड़ने से पहले, मैंने परमेश्वर को वह सब कुछ दिया, जिन बातों से मैं गुज़री थी और मैंने उससे कहा कि वह मुझे वापस ले। यह आसान नहीं था, और मैं यह दिखावा नहीं करने जा रही हूं कि यह आसान था, लेकिन ईश्वर हमसे यही माँगता है। वह यह सब चाहता है, जिसमें सारी गंदगी भी शामिल है। उस पाप स्वीकार संस्कार में प्रवेश करना, कैथलिक विश्वास के लिए घर जाने के रास्ते में मेरा पहला कदम था।

उस पाप स्वीकार संस्कार के बाद मुझे सचमुच ऐसा लगा कि मैं घर आ गयी हूँ — कैथलिक चर्च में मैं वापस आ गयी हूँ। मैंने यह कहते हुए स्वयं से मेलमिलाप कर लिया “ठीक है, ईश्वर। तू सही है। मैं गलत हूँ। कृपया मेरी मदद कर।” इससे मेरे आत्मविश्वास और मेरी भावना नवीनीकृत हो गए और मैं कहने लगी “मैं यह करना चाहती हूं।” मैं अब यह कहने से नहीं डरती थी, “मैं एक मसीही हूं…मैं एक कैथलिक हूं”। मैं एक मसीही की तरह दिखना चाहती थी, एक मसीही की तरह काम करना और एक मसीही की तरह बात करना चाहती थी। इसलिए जब मैं वापस आयी, तो मैंने उन गुणों के पुनर्वास और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जिनका मैंने अपने पिछले पापपूर्ण कार्यों से विरोध किया था। मुझे अपने जीवन में साहस लेने, सही बात कहने और ईमानदार होने के लिए शुद्धता का पुनर्वास करना था। मुझे अपने निर्णयों में विवेकपूर्ण होना था और आत्म-नियंत्रण और संयम विकसित करना था ताकि मेरे जुनून मुझे नियंत्रित न कर सकें, ताकि मैं आत्म संयम और प्रभु के नियंत्रण में रह सकूं। मसीही के रूप में हम यही कार्य करने के लिए बुलाये गए हैं।

बाद के वर्षों में, ईश्वर ने मुझे अच्छे अवसर प्रदान किए, जिससे मैं ने संयमित और सौम्य फैशन, सद्गुण और शुद्धता के बारे में लोगों से बात की, व्याख्यान दिया। मुझे यकीन नहीं था कि मुझे पहले ऐसा करना चाहिए, लेकिन मुझे पवित्र आत्मा से प्रेरणा मिलती रही। उस समय मैं अपनी कॉलेज की डिग्री के बलबूते एक नौकरी में पूर्णकालिक काम कर रही थी, और मैं कोई प्रेरितिक काम नहीं कर रही थी। धीरे-धीरे, सभाओं को संबोधित करने के मेरे कार्य अधिक बढ़ते गये। तब तक यह स्पष्ट हो गया कि परमेश्वर मुझे पूर्णकालिक कार्य के लिए बुला रहा है। और मैंने परमेश्वर से कहा, “तू मुझे यहाँ तक ले आया और तू मुझे और आगे ले जाता रहेगा”। और उसने ऐसा ही किया। मैंने परमेश्वर के प्रेम और दया के बारे में और कैसे हम पवित्रता और विश्वास में जीने के लिए ईमानदार और बिना किसी समझौता के निर्णय ले सकते हैं, इन विषयों पर बात करने के लिए दुनिया की यात्रा की है।

क्या आप हमें अपने पॉडकास्ट, लक्स पहल और उन सभी परियोजनाओं के बारे में बता सकती हैं जिन पर आप वर्तमान में काम कर रही हैं?

महिलायें जिस माहौल में हैं, वहां उनके बीच में ख्रीस्त को पहुँचाने के लिए ये सारी परियोजनाएं हैं। आइए पॉडकास्ट के साथ शुरू करते हैं जिसे “कुछ सुंदर कार्य करो” कहा जाता है। आप इसे किसी भी पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर सकते हैं। कई तरह के लोग हैं जो महिलाओं को अपने जीवन के साथ कुछ सुंदर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, मैं उन लोगों का साक्षात्कार करती हूं ताकि महिलायें समझें कि हम दुनिया में प्रभु येशु ख्रीस्त और अन्य लोगों के लिए क्या कर सकती हैं। सच्ची सुंदरता ईश्वर की सुंदरता का प्रतिबिंब है और इसके दो गुण हैं – पूर्णता और पवित्रता – पूर्णता वह गुण है जिस केलिए और जिस रूप में ख्रीस्त ने हमें बनाया है, और हम महिलाओं को सद्गुणों के अभ्यास के माध्यम से पवित्रता के लिए प्रयास करना भी है।

एक नई पहल है लक्स कैथलिक ऐप — कैथलिक महिलाओं के लिए एक मुफ्त ऐप, जहां हर शाम हम दुनिया भर की महिलाओं के साथ रोज़री माला की प्रार्थना की जाती हैं। एक दूसरे के इरादों के लिए प्रार्थना करने हजारों महिलाएं हमारे साथ शामिल हुई हैं, जिससे मसीह के शरीर अर्थात कलीसिया के भीतर गहरा रिश्ता बुना गया है।

मैं इसके अलावा, “पावर मेड परफेक्ट” नामक हमारे नए कार्यक्रम के बारे में आपको बताने के लिए उत्साहित हूं – यह एक पहला कैथलिक व्यक्तिगत विकास कार्यक्रम है! व्यक्तिगत विकास का सर्वोत्तम लाभ उठाते हुए और सब कुछ पवित्र बाइबल से जोड़ते हुए,  जीवन को बदलने में मदद करने के लिए, येशु मसीह की शक्ति पर भरोसा करते हुए हम इस नए उद्यम को शुरू करने वाली हैं।

यदि आप मेरी गवाही को पढ़ रहे हैं, तो जान लें कि हम भी आज आपके लिए प्रार्थना कर रही हैं। आप अकेले नहीं हैं। यदि आप निराश महसूस करते हैं, तो मैं आपको बताना चाहती हूं कि प्रभु येशु मसीह हमेशा आपके लिए हैं। वे हमेशा आपकी ओर हाथ बढ़ा रहे हैं। आपको केवल उसके पास पहुंचने की जरूरत है और वह आपको अपने पवित्र हृदय के निकट खींच लेंगे।

Leah Darrow

Leah Darrow is a Catholic speaker, author, and entrepreneur dedicated to creating a beautiful sisterhood of incredible women through her speaking engagements, books, the Lux app and Lux university. She lives with her husband and 6 wonderful kids in Missouri. This article is based on the special interview she gave on the Shalom World program “Found.”

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